Blog Details

Read the full article to gain deeper insights and comprehensive information.

Thekua Business Plan 2026: लागत, मुनाफा, मशीन और लाइसेंस

Startuphyper
By Startuphyper

Oct 07, 2026

0

ठेकुआ बिज़नेस कैसे शुरू करें: कच्चा माल, मशीन, लागत, FSSAI रजिस्ट्रेशन, 5% GST, PMFME सब्सिडी और मुनाफे का हिसाब। बिहार के उद्यमियों के लिए गाइड।

Thekua Business Plan: लागत, मुनाफा और पूरी जानकारी (2026)

ठेकुआ बिज़नेस छोटे स्तर पर घर की रसोई से शुरू हो सकता है, लेकिन बेचने से पहले FSSAI रजिस्ट्रेशन ज़रूरी है। इस गाइड में कच्चा माल, मशीन, लागत, लाइसेंस, बिक्री और मुनाफे का हिसाब सीधे-सीधे दिया गया है।

ठेकुआ बिज़नेस क्या है और इसकी मांग कहाँ है?

ठेकुआ गेहूं के आटे, गुड़ और घी या तेल से बनी तली हुई मिठाई है, जो छठ पूजा का मुख्य प्रसाद है। इसे बनाकर पैक करना और बेचना ही ठेकुआ बिज़नेस है।

मांग तीन जगह से आती है:

• छठ पूजा: सबसे बड़ा सीज़न। 2026 में छठ 13 से 16 नवंबर तक है, मुख्य संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को।

• सालभर चाय-नाश्ता: गुड़ वाला ठेकुआ अब स्नैक की तरह भी बिकता है।

• बिहार से बाहर रहने वाले लोग: Meesho जैसे प्लेटफॉर्म पर कई ठेकुआ ब्रांड पहले से ऑनलाइन बिक रहे हैं।

ठेकुआ बनाने के लिए कच्चा माल

ठेकुआ का मुख्य कच्चा माल गेहूं का आटा, गुड़ और घी या रिफाइंड तेल है। बाकी चीज़ें स्वाद और वैरायटी के लिए हैं।

सामग्रीकामध्यान दें
गेहूं का आटा (मोटा)बेसमैदा मिलाने से ठेकुआ सख्त हो सकता है
गुड़ या चीनीमिठासगुड़ वाला ठेकुआ पारंपरिक माना जाता है
देसी घी या रिफाइंड तेलमोयन और तलनाघी से लागत बढ़ती है, लेबल पर सही लिखें
सौंफ, इलायचीखुशबू—
नारियल बुरादा, सूखे मेवेप्रीमियम वैरायटीशेल्फ लाइफ पर असर देखें
पाउच, डिब्बा, लेबलपैकिंगएयरटाइट पैकिंग से कुरकुरापन बना रहता है

आटा, गुड़ और घी के दाम मंडी और मौसम के साथ बदलते हैं, इसलिए लागत अपने लोकल रेट से निकालें।

Media

ठेकुआ बनाने की प्रक्रिया (Process)

ठेकुआ बनाने में 7 स्टेप हैं, और कमर्शियल यूनिट में भी यही क्रम रहता है, बस मशीन से गति बढ़ती है।

  1. गुड़ को थोड़े पानी में घोलकर छान लें।

  2. आटे में घी या तेल का मोयन मिलाएं, फिर सौंफ-इलायची डालें।

  3. गुड़ के घोल से सख्त आटा गूंधें।

  4. लोई बनाकर लकड़ी के सांचे में दबाकर डिज़ाइन दें।

  5. मध्यम आंच पर सुनहरा होने तक तलें।

  6. पूरी तरह ठंडा होने दें। गर्म ठेकुआ पैक करने से नमी आती है।

  7. तौलकर पैक करें, सील करें और लेबल लगाएं।

ठेकुआ बिज़नेस के लिए मशीनें

शुरुआत बिना बड़ी मशीन के हो सकती है। उत्पादन बढ़ने पर आटा गूंधने और पैकिंग की मशीन सबसे पहले काम आती है।

छोटा सेटअप (घर या कुटीर यूनिट)

बड़ी कड़ाही, कमर्शियल गैस भट्ठी, लकड़ी के सांचे, छलनी, कूलिंग ट्रे, तराज़ू और हैंड सीलिंग मशीन।

मध्यम सेटअप (छोटी फैक्ट्री)

मशीनकामकीमत
कमर्शियल आटा गूंधने की मशीन (Dough Kneader)आटा गूंधनालगभग ₹21,000 से ₹30,000 (GST सहित, दो भारतीय सप्लायर लिस्टिंग)
कमर्शियल फ्रायर / बैच फ्रायरतलनासप्लायर से कोटेशन लें
कूलिंग रैक / ट्रेठंडा करनासप्लायर से कोटेशन लें
बैंड सीलर / पाउच सीलरपैकिंगसप्लायर से कोटेशन लें
डिजिटल वज़न मशीनसही वज़नसप्लायर से कोटेशन लें

ठेकुआ का डिज़ाइन सांचे से आता है, इसलिए पूरी तरह ऑटोमैटिक लाइन लेने से पहले सप्लायर से ट्रायल ज़रूर करवाएं।

ठेकुआ बिज़नेस में कितनी लागत आएगी?

लागत दो हिस्सों में बंटती है: एक बार का खर्च (मशीन, बर्तन, रजिस्ट्रेशन) और हर किलो का खर्च (कच्चा माल, पैकिंग, गैस, मज़दूरी)। कुल रकम आपकी क्षमता और घी या तेल के चुनाव पर निर्भर है, इसलिए नीचे की टेबल में अपने आंकड़े भरें।

खर्चप्रकारआपका आंकड़ा (₹)
मशीन और बर्तनएक बार—
FSSAI बेसिक रजिस्ट्रेशनहर साल100
जगह की तैयारी (साफ़ फर्श, एग्ज़ॉस्ट, पानी की व्यवस्था)एक बार—
आटा, गुड़, घी/तेल, मसाले (प्रति किलो ठेकुआ)हर किलो—
पैकिंग और लेबल (प्रति किलो)हर किलो—
गैस/ईंधन (प्रति किलो)हर किलो—
मज़दूरी (प्रति किलो)हर किलो—
किराया और बिजलीहर महीने—
छठ सीज़न के लिए कच्चे माल का स्टॉकवर्किंग कैपिटल—

ठेकुआ बिज़नेस में मुनाफा कितना है?

ठेकुआ बिज़नेस का मुनाफा तय नहीं है। यह आपकी प्रति किलो लागत और बिक्री कीमत के अंतर पर टिका है।

प्रति किलो मुनाफा = बिक्री कीमत − (कच्चा माल + पैकिंग + ईंधन + मज़दूरी + अन्य खर्च प्रति किलो)

बाज़ार का संदर्भ: Meesho पर 250 ग्राम ठेकुआ पैक Rs 212 से Rs 260 में लिस्ट है, यानी रिटेल में लगभग Rs 850 से Rs 1,040 प्रति किलो। इस

कीमत में प्लेटफॉर्म फीस और शिपिंग भी शामिल है, इसलिए होलसेल या दुकान को बेचने पर आपको इससे कम कीमत मिलेगी। नुकसान से बचने के लिए:

• पहले 5-10 किलो का ट्रायल बैच बनाकर असली प्रति किलो लागत निकालें।

• छठ के ऑर्डर एडवांस में बुक करें, ताकि ज़्यादा स्टॉक न बचे।

• घी और तेल वाले ठेकुआ की कीमत अलग रखें।

Media

ठेकुआ कहाँ और कैसे बेचें?

ठेकुआ की बिक्री लोकल, ऑनलाइन और गिफ्टिंग, तीनों रास्तों से होती है। शुरुआत लोकल से करें, फिर ऑनलाइन बढ़ें।

लोकल बिक्री

मिठाई की दुकानें, किराना स्टोर, छठ से पहले घाट के पास स्टॉल, और मोहल्ले में प्री-ऑर्डर।

ऑनलाइन बिक्री

Meesho जैसे मार्केटप्लेस, WhatsApp ऑर्डर, और अपनी वेबसाइट। बिहार से बाहर रहने वाले ग्राहक ऑनलाइन ऑर्डर का बड़ा हिस्सा होते हैं। गिफ्ट पैक

छठ और दिवाली पर गिफ्ट बॉक्स, कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट ऑर्डर।

शेल्फ लाइफ पर ध्यान दें: घर का ठेकुआ आमतौर पर 8-10 दिन ताज़ा रहता है। ऑनलाइन ब्रांड 45 दिन से 3 महीने तक का दावा करते हैं। अपने पैक पर बेस्ट बिफोर लिखने से पहले लैब में शेल्फ लाइफ टेस्ट करवाएं।

Media

StartupHyper ठेकुआ बिज़नेस शुरू करने में कैसे मदद करता है?

StartupHyper ठेकुआ यूनिट के लिए प्लानिंग से लेकर मशीन लगवाने और ऑनलाइन बिक्री तक मदद करता है। आप पूरा काम एक साथ भी ले सकते हैं, या सिर्फ़ वही हिस्सा जिसमें मदद चाहिए।

ज़रूरतStartupHyper की सेवाठेकुआ यूनिट में काम
बिज़नेस प्लान और बैंक लोनDPR (Detailed Project Report)लागत, क्षमता और बिज़नेस प्लान का डॉक्यूमेंट तैयार करना, जो बैंक लोन और PMFME आवेदन में उपयोग होता है
सरकारी सब्सिडीGovernment Scheme AidPMFME की पात्रता जांचना, आवश्यक दस्तावेज़ और आवेदन प्रक्रिया में सहायता
मशीन खरीदनाMachineHai.comआटा गूंधने की मशीन, फ्रायर, सीलर जैसी मशीनों का चयन और खरीदारी में सहायता
यूनिट लगानाPlant Installation and Trainingमशीन इंस्टॉलेशन और स्टाफ की ट्रेनिंग
रेसिपी और पैकिंगProduct Development Assistanceट्रायल बैच, प्रोडक्ट डेवलपमेंट और पैकिंग को बाज़ार के लिए तैयार करना
ऑनलाइन बिक्रीवेबसाइट और पोर्टफोलियो बनाने वाली टेक टीमअपने ठेकुआ ब्रांड की वेबसाइट बनाना और ऑनलाइन बिक्री के लिए डिजिटल प्रेज़ेंस तैयार करना

📞 कॉल / WhatsApp: 9472093913

📧 ईमेल: info@startuphyper.com

🌐 वेबसाइट: www.startuphyper.com | www.machinehai.com

🏢 शाखाएं: पटना | गया | कटिहार | सहरसा

Subscribe to receive future updates

Stay updated with the latest tips, trends, and best practices in factory setup and machinery procurement—subscribe to the StartupHyper newsletter!

No spam, we promise. Your inbox is safe with us—only valuable insights.