Read the full article to gain deeper insights and comprehensive information.

Oct 06, 2026
0
बिहार में कोल्ड प्रेस तेल मिल पर कितना अनुदान मिलेगा, कौन से 24 जिले शामिल हैं, कौन से दस्तावेज चाहिए और ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, जानें यहाँ।

बिहार कृषि विभाग कोल्ड प्रेस तेल मिल पर सामान्य वर्ग को अधिकतम ₹2 लाख और एससी/एसटी वर्ग को अधिकतम ₹2.5 लाख का अनुदान दे रहा है। पैकेजिंग मशीन पर अलग से अनुदान मिलेगा। यह योजना 24 जिलों में है, आवेदन ऑनलाइन होंगे और आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 बताई गई है।
यह प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) के तहत बिहार कृषि विभाग की योजना है। इसका मकसद है कि तिलहन का तेल स्थानीय स्तर पर निकले और पैक होकर बिके, ताकि किसान सिर्फ कच्ची उपज न बेचें। रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2026-27 के लिए ₹4.976 करोड़ (₹497.60 लाख) की स्वीकृति मिली है। राज्य का लक्ष्य 149 कोल्ड प्रेस मिल और 149 पैकेजिंग मशीन, यानी कुल 298 इकाइयाँ बताया गया है।
अनुदान लागत का प्रतिशत है, लेकिन नीचे दी गई अधिकतम सीमा से ज्यादा नहीं मिलेगा।
| मद | सामान्य वर्ग | एससी/एसटी वर्ग |
|---|---|---|
| कोल्ड प्रेस तेल मिल | लागत का 40%, अधिकतम ₹2 लाख | लागत का 50%, अधिकतम ₹2.5 लाख |
| पैकेजिंग मशीन | लागत का 40%, अधिकतम ₹1.20 लाख | लागत का 50%, अधिकतम ₹1.50 लाख |
उदाहरण: अगर मिल की मान्य लागत ₹5 लाख है, तो सामान्य वर्ग के लिए 40% यानी ₹2 लाख बनता है (यही अधिकतम सीमा है), और एससी/एसटी के लिए 50% यानी ₹2.5 लाख बनता है। यह सिर्फ समझाने के लिए है। अंतिम लागत और अनुदान विभाग तय करेगा।

योजना में 10 HP या उससे ज्यादा क्षमता की बिजली से चलने वाली कोल्ड प्रेस तेल मिल शामिल है, जिसमें फिल्टर वाली मशीन भी आती है। इसके साथ तेल की पैकेजिंग मशीन पर भी अनुदान है। रिपोर्ट में पैकेजिंग इकाई की परियोजना लागत ₹3 लाख बताई गई है।
यह योजना 24 जिलों में लागू है। आपका जिला सूची में नहीं है तो इस योजना के भरोसे निवेश न करें।
पटना, नालंदा, भोजपुर, रोहतास, कैमूर, गया, नवादा, औरंगाबाद, सारण, सिवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, पूर्णिया और कटिहार।
हर जिले का अपना लक्ष्य है। उदाहरण के लिए गोपालगंज में 3 तेल मिल और 3 पैकेजिंग मशीन का लक्ष्य है, और पूर्णिया में 6 लाभार्थी चुने जाएँगे।
ऑनलाइन आवेदन 10 सितंबर 2026 से शुरू हुए हैं और अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार जहाँ आवेदन लक्ष्य से ज्यादा होंगे, वहाँ 14 अक्टूबर को ऑनलाइन लॉटरी से चयन होगा, और 15 से 23 अक्टूबर तक सत्यापन होगा। आवेदन करने से पहले ये तारीखें बिहार कृषि DBT पोर्टल या अपने जिला कृषि कार्यालय से जरूर पक्की कर लें।

जिला स्तर की रिपोर्टों के अनुसार किसान और युवा उद्यमी आवेदन कर सकते हैं, लेकिन पात्रता की शर्तें विभाग तय करता है। मशीन लगाने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए। सिर्फ किसान होने से चयन पक्का नहीं हो जाता। आवेदन से पहले पात्रता की शर्तें आवेदन पेज पर पढ़ लें।
अपलोड करने से पहले यह सूची आवेदन पेज पर एक बार जरूर मिला लें।
इसके बाद विभाग आवेदनों का सत्यापन करेगा।
चयन होने से पहले मशीन न खरीदें। अनुदान की उम्मीद में पहले पैसा लगाना जोखिम है। खरीद से पहले ये बातें पक्की करें:
सामान्य वर्ग को लागत का 40% (अधिकतम ₹2 लाख) और एससी/एसटी वर्ग को लागत का 50% (अधिकतम ₹2.5 लाख)।
हाँ। सामान्य वर्ग को 40% (अधिकतम ₹1.20 लाख) और एससी/एसटी वर्ग को 50% (अधिकतम ₹1.50 लाख)।
रिपोर्टों के अनुसार 10 अक्टूबर 2026। पक्की जानकारी के लिए DBT पोर्टल या जिला कृषि कार्यालय देखें।
जहाँ आवेदन लक्ष्य से ज्यादा होंगे, वहाँ ऑनलाइन लॉटरी बताई गई है (14 अक्टूबर), फिर सत्यापन (15 से 23 अक्टूबर)। अपने जिले की सूचना देखें।
24 जिलों में, जैसे पटना, गया, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया और कटिहार। पूरी सूची ऊपर दी गई है।
10 HP या उससे ज्यादा की बिजली से चलने वाली कोल्ड प्रेस मिल, फिल्टर वाली मशीन भी शामिल है।
रिपोर्टों के अनुसार किसान और युवा उद्यमी, विभाग की पात्रता शर्तों और सत्यापन के अधीन।
अपनी जमीन का दस्तावेज या रजिस्टर्ड किरायानामा/लीज चाहिए, और मशीन लगाने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए।
हाँ। ऑनलाइन आवेदन के लिए बिहार कृषि विभाग का 13 अंकों का पंजीकरण नंबर और OTP चाहिए। पंजीकरण DBT पोर्टल या नजदीकी वसुधा केंद्र पर हो सकता है।
फोटो, आधार या पहचान पत्र, जमीन या किरायानामा, और जगह की जियो-टैग फोटो, सब एक स्व-सत्यापित PDF में।
नहीं। हर जिले का लक्ष्य तय है, इसलिए इकाइयाँ सीमित हैं और विभाग हर आवेदन का सत्यापन करेगा।
नहीं। चयन के बाद और विभाग की खरीद प्रक्रिया जानकर ही खरीदें।
मुझे मिले स्रोतों में यह साफ नहीं है। पैसा लगाने से पहले जिला कृषि पदाधिकारी से पूछ लें।
नहीं। यह PM-RKVY के तहत कृषि विभाग की योजना है। MMUY उद्योग विभाग की अलग योजना है। दोनों का लाभ एक साथ लिया जा सकता है या नहीं, यह संबंधित विभाग से पूछें।
नहीं। उस मिशन के तहत 10 टन क्षमता की तेल प्रसंस्करण इकाई के लिए अलग योजना बताई गई थी, जिसकी अंतिम तारीख 15 सितंबर थी। अनुदान की शर्तें भी अलग हैं।
आमतौर पर सरसों, तिल और मूंगफली। असली क्षमता मशीन के मॉडल पर निर्भर करती है, इसलिए सप्लायर से पूछें।
यह आपके काम पर निर्भर करता है। पैक किए गए खाद्य तेल के लिए आमतौर पर FSSAI लगता है। उद्यम और GST आपके पैमाने और बिक्री पर निर्भर हैं। उत्पादन शुरू करने से पहले पक्का कर लें।
नहीं, अनुदान मशीन की लागत पर है। तिलहन, पैकिंग, बिजली और मजदूरी के लिए अलग पैसा रखें।
यह आपके तिलहन के भाव, बिक्री भाव, खर्च और बाजार पर निर्भर है। अनुदान से सिर्फ मशीन की लागत घटती है, इसलिए अपने आँकड़ों से हिसाब लगाएँ।
अपने जिला कृषि पदाधिकारी से, और निवेश से पहले आधिकारिक पोर्टल देखे
कोल्ड प्रेस तेल यूनिट लगाने की सोच रहे हैं? मशीन चुनने और प्रोजेक्ट प्लानिंग में StartupHyper आपकी मदद कर सकता है। कॉल/व्हाट्सऐप: 9472093913

Sep 15, 2026
Stay updated with the latest tips, trends, and best practices in factory setup and machinery procurement—subscribe to the StartupHyper newsletter!
No spam, we promise. Your inbox is safe with us—only valuable insights.